नाली निर्माण की धीमी रफ्तार पर सियासी सवाल
जिम्मेदारी तय न होने से बढ़ी परेशानी

चांदा ब्लास्ट
घुग्घुस, चंद्रपुर | शालिकग्राम नगर में यूको बैंक रोड किनारे रामगिरी तिरुपति से लेकर राकेश कलवल के घर तक चल रहे नाली निर्माण कार्य की धीमी गति ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क किनारे नाली का मलबा लंबे समय से पड़ा हुआ है, जिससे न केवल नाली जाम की स्थिति बन रही है, बल्कि वाहन पार्किंग में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है!
स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि काम की शुरुआत तो हुई, लेकिन गति बेहद धीमी है और कार्यस्थल पर साफ-सफाई का अभाव दिखाई दे रहा है। नगर नियोजन और स्वच्छता से जुड़े नियमों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मलबे का समय पर निष्पादन और मार्ग को बाधारहित रखना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। लेकिन यहां इन नियमों की अनदेखी साफ नजर आ रही है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह काम किस विभाग के तहत हो रहा है। कुछ नागरिक इसे नगर परिषद घुग्घुस का कार्य बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह काम वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा कराया जा रहा है। जिम्मेदारी स्पष्ट न होने से जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है, क्योंकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड के नागरिकों ने नगर परिषद के नगराध्यक्ष, मुख्याधिकारी, संबंधित नगरसेवक-नगरसेविका और WCL अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कार्य में तेजी लाने और मलबा हटाने की मांग की है।
नागरिकों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग जल्द ही स्पष्ट जानकारी सामने लाएगा और नियमों के तहत कार्य को सुव्यवस्थित करते हुए आम जनता को हो रही परेशानी से राहत दिलाई जाएगी।



